मकर राशि की आयु: जाने मकर राशि की आयु कितनी होती हैं-

ऐसे तो आयु की सम्पूर्ण जानकारी ईश्वर को ही होती हैं। फिर भी आप ज्योतिष के सहायता से अपनी आयु के बारे में जानकरी प्राप्त कर सकते है। ज्योतिष में आयु को विशेष रूप से व्यक्तिगत ग्रहों की स्थिति के साथ जोड़कर देखा जाता है। यह ग्रहों के नाम से “दशा” और “भुक्तियाँ” कहलाती हैं। इन अवधियों की लंबाई व्यक्ति के जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर तय की जाती है। आईये कुंडली के आधार पर मकर राशि की आयु कितनी होती हैं, जानते हैं।

मकर राशि: ज्योतिष शास्त्र में तीन नक्षत्र और 9 चरण मिल कर एक मकर राशि बनता है, जिसमें उत्तराषाढ़ नक्षत्र का तीन चरण , श्रवण नक्षत्र का 4 चरण और धनिष्ठा नक्षत्र का 2 चरण शामिल होता है। मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि देव होते है। यह राशि चक्र की दशवीं राशि है, और इस राशि वालो के नाम का पहला अक्षर भो, ज, जी, खी, ख, खे, खो, ग, और गी होता है। मकर राशि दिखने में कठोर हो सकते है, लेकिन ये वास्तव में हमेसा अनुसाशित विन्रम और खुले विचार वाले धनि किस्म के व्यक्ति होते है। जिससे ये एक जिम्मेदार नागरिक के रूप  में उभरते है। ये संबंधों के प्रति ईमानदार, वफादार और परवाह करने वाले होते है। इस तरह के व्यक्तित्व रखने वाले मकर राशि वालो की आयु निम्नलिखित होता हैं-

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मकर राशि की आयु जानने से पहले जाने ये जरुरी बातें-

आयु जानना कठिन विषय है, क्योकि परमात्मा को छोड़ कर आयु के बारे में किसी को पता नहीं रहता है। ऐसे तो आयु की सम्पूर्ण जानकारी ईश्वर को ही होती हैं। लेकिन मृत्यु को लेकर ज्योतिष कुछ-कुछ इसरा करता है, जिसके सहायता से आप अपनी आयु के बारे में जानकरी प्राप्त कर सकते है।

शास्त्र मुखतः चार तरह की आयु को प्रमाणित करता हैं:-

  1. बालारिष्ट योग:- जन्म से 5 वर्ष तक की आयु को बालारिष्ठ कहा जाता हैं।
  2. अल्प आयु:- किसी व्यक्ति की 5 से लेकर 32 वर्ष तक की आयु अल्प आयु होती हैं।
  3. मध्य आयु:- व्यक्ति की 33 वर्ष से लेकर 64 वर्ष तक की आयु को मध्य आयु कहा जाता हैं।
  4. पूर्ण आयु/ दीर्घायु:- 64 वर्ष से अधिक आयु को दीर्घायु कहा जाता हैं।

मकर राशि के जीवन में कष्ट कब-कब आता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर राशि वालो को सबसे पहले तीसरे वर्ष के अंदर देव दोष पीड़ा होती है। उसके बाद मकर राशि वाले 9वें, 10वें और 57वें वर्ष में अंग रोग होता है, जिसके अंदर अग्नि पीड़ा, लौह घात आदि दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है। इन बीच मकर राशि वाले अशुभ ग्रहो की दृष्टि से बालारिष्ट, अल्प आयु या फिर मध्यम आयु के शिकार हो जाते है जिससे वे मृत्यु के शिकार हो जाते है और उनकी मृत्यु हो सकती है।

मकर राशि की आयु

मकर राशि की आयु: जाने मकर राशि की आयु कितनी होती हैं-

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर मकर राशि वाले अपने आयु के तीसरे, 9वें, 10वें और 57वें वर्ष में शुभ ग्रहो की शुभ दृष्टि और अच्छे अच्छे खान-पान से बालारिष्ट, अल्प आयु या मध्यम आयु के शिकार होने से बच जाते है, तो उनकी आयु 61 वर्ष की होती है। अगर ये इस आयु से भी ज्यादा जी जाते है, तब मकर राशि वालो की आयु 71 वर्ष की होती है। और मकर राशि वाले कार्तिक माह, श्रवण नाम के नक्षत्र, शुक्ल पक्ष, पंचमी तिथि और दिन शनिवार का योग पड़ने पर अपने देह का त्याग करते है।

यह आयु जन्म नक्षत्र के नाम पर निर्धारित किया जाता है, इसलिए किसी भी व्यक्ति के प्रशिद्ध नाम पर यह नियम लागु नहीं होता है। यह नियम उसी व्यक्ति पर लागु होगा जिसका जन्म मकर राशि में हुवा हो और उसका नामकरण किसी ज्योतिषी के द्वारा किया गया हो।

हमेशा पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न- मकर राशि वालों की मृत्यु कब होगी?

उत्तर- मकर राशि वालो को सबसे पहले तीसरे वर्ष के अंदर देव दोष पीड़ा, 9वें, 10वें और 57वें वर्ष में अंग रोग होता है, जिसके अंदर अग्नि पीड़ा, लौह घात आदि दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है। जिससे मकर राशि वाले मृत्यु के शिकार हो जाते है और उनकी मृत्यु हो सकती है।

प्रश्न- मकर राशि वाले कितने वर्ष तक जीते है?

उत्तर- मकर राशि की सम्पूर्ण आयु 61 वर्ष या 71 वर्ष की होती है। हॉलांकि यह दिन भी सभी के लिए नियत नहीं है। क्योकि देवताओं के शुभ दृष्टि, अपने अच्छे खान-पान औऱ कर्म-स्वभाव के आधार पर व्यक्ति की आयु और लम्बी हो सकती है।

प्रश्न- मकर राशि की सम्पूर्ण आयु कितनी होती है?

उत्तर- अगर मकर राशि शुभ ग्रहो की शुभ दृष्टि और अच्छे-अच्छे खान-पान से बालारिष्ट, अल्प आयु या मध्यम आयु के शिकार होने से बच जाते है, तो उनकी आयु 61 वर्ष की होती है। अगर ये इस आयु से भी ज्यादा जी जाते है, तब मकर राशि वालो की आयु 71 वर्ष की होती है।

प्रश्न- मकर राशि नाम के शुरू का अक्षर बताईये?

उत्तर- उत्तराषाढ़ नक्षत्र का तीन चरण , श्रवण नक्षत्र का 4 चरण और धनिष्ठा नक्षत्र का 2 चरण में जन्म लेने वाले मकर राशि के होते हैं। और इस राशि वालो के नाम का पहला अक्षर भो, ज, जी, खी, ख, खे, खो, ग, और गी होता है।

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