मिथुन राशि की आयु कितनी होती है : पूरी जानकारी जाने –

आयु जानना एक गहन विषय है। ज्योतिष शास्त्र में किसी व्यक्ति की आयु ग्रहों, राशियों, और दशाओं के अनुसार गणना की जाती है। और आयु गणना के लिए वृद्धि और क्षय दोनों के कारक देखने होते है। इस लेख में हमने मिथुन राशि वालों की आयु कितनी होती है इसकी चर्चा की है। इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें क्युकी अधूरा ज्ञान लाभदायक कम और हानिकारक ज्यादा होता है।

मिथुन राशि मृगच्चीला नक्षत्र के दो चरण, आरधा के चार चरण और पूरणवसु नक्षत्र के 3 चरण होते है। इनके अंदर क, की, कु, घ, ड, छ, के, को और ह अक्षर आते है। ये नौ अक्षर के एक राशि बनती है जो मिथुन राशि है। मिथुन राशि के लोग आकर्षक व्यक्तित्व एवं चरित्र के होते हैं। ये बेहद हाजिर जवाब और फ़ुर्तीले होते हैं। इस राशि के लोग सबके साथ एक समान और निश्छल व्यवहार रखते है।

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आयु क्या है?

हम जितने भी वस्तु या व्यक्ति देखते है सब की आयु होती है, किसी की ज्यादा होती है तो किसी की कम।
आसान सब्दो में कहे तो आयु, किसी व्यक्ति की जीने की उम्र को ही कहा जाता है।
अर्थात किसी व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक के समय को आयु कहा जाता है।

सामान्यत: आयु तीन प्रकार की होती है-

  1. अल्प आयु
  2. माध्यम आयु
  3. पूर्ण आयु

अल्प आयु

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई व्यक्ति अपनी जीवन काल पूरी होने से पहले ही मृत्य को प्राप्त करता है,
तो उस व्यक्ति के जीवन काल को अधूरा माना जाता है। और उम्र के आधार पर उस व्यक्ति की आयु निर्धारित की जाती है।

शास्त्र के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 32 वर्ष की आयु या उससे कम की आयु में मृत्यु को प्राप्त करता है तो उस व्यक्ति की आयु अल्पआयु मानी जाती है।

माध्यम आयु

यह एक तरह की बिच की आयु है जिसमें व्यक्ति अपने जीवन काल का आधा के आस-पास का जीवन जी चूका रहता है,
और जीवन काल पूरा होने से पहले ही मृत्यु को प्राप्त करता है। तो उस व्यक्ति की आयु माध्यम आयु मानी जाती है।

शास्त्र के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 32 से लेकर 62 वर्ष की आयु में मृत्य को प्राप्त करता है
तो उस व्यक्ति की आयु को माध्यम आयु माना जाता है।

पूर्ण आयु

व्यक्ति अपने जीवन काल के पुरे समय को जीकर बूढ़ा होकर मृत्यु को प्राप्त करता है तब व्यक्ति की आयु को पूर्ण आयु मानी जाती है।
शास्त्र के अनुसार कोई व्यक्ति 64 वर्ष होने के बाद कभी भी मृत्यु को प्राप्त करता है तो व्यक्ति की आयु पूर्ण आयु मानी जाती है।

अल्प आयु, माध्यम आयु और पूर्ण आयु के अतिरिक्त कभी कभी बालारिष्ट भी होता है। जिसे जानना चाहिए-

बालारिष्ट:- जब बच्चा जन्म ले कर कुछ वर्षो में ही जैसे एक साल दो साल या पांच सालो में मृत्यु को प्राप्त होता है।
तो इसे बालारिष्ट योग कहा जाता है। जिसमे बच्चा बुढ़ापे और जवानी से पहले बचपन में ही मृत्यु को प्राप्त करता है।

आयु की गणना में कुंडली क्या कहता है?

आयु की गणना केवल राशि के अनुसार नहीं होती। मिथुन राशि वालो की या दूसरे राशि वालो की आयु की गणना ग्रहों, राशियों, और दशाओं के अनुसार की जा सकती है। इसलिए आयु की गणना में राशि के साथ साथ ग्रहो और कुंडली आदि का भी ज्ञान होना चाहिए।

  • कुंडली में कुछ ऐसे भी कारक होते है जो मृत्यु कारक होते है-
  • जैसे कुंडली के अंदर मार्केश की दर्शाये भी होती है जो मृत्यु कारक होती है।
  • यदि किसी की आयु अल्प आयु है और वहां पे मार्केश की दशा आ गयी तो निश्चित है की वहां पे मृत्यु कारक होगी।
    जिससे उस व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।
  • यदि वही किसी की आयु पूर्ण आयु है और मार्केश की दशा आ गयी तो वहाँ पर मृत्यु तो नहीं होगी,
    लेकिन यह योग मृत्युतुल्य कष्ट दे सकती है।

मिथुन राशि की आयु कितनी होती है?

वैसे तो जन्म और मरण की ज्ञान भगवान अपने पास ही रखते है,
इसमें किसी व्यक्ति का कोई हस्तछेप नहीं होता है।
ज्योतिष शास्त्र मृत्य को लेकर कुछ इसरा करता है।
जिसके आधार पे मिथुन राशि वालों की मृत्यु का अनुमान लगाया जा सकता है।

  • मिथुन राशि वालो के लिए कष्ट का महीना छठा महीना है।
  • इनको छठा और आठवे वर्ष के अंदर अंग रोग होता है।
  • अठारहवे वर्ष के अंदर नेत्र पीड़ा होती है। इसके बाद
  • मिथुन राशि वालों को ग्यारहवे और अठरहवे वर्ष में घात होता है
  • 24, 53 और 63 वर्ष की आयु में अल्प आयु या अंग रोग होता है।
  • इन सबसे से उसकी मृत्यु हो सकती है।
  • यदि इन सब पीड़ा/ रोग होने से मिथुन राशि वाले का मृत्यु नहीं होती है तो इनकी आयु 85 वर्ष की होती है।

मिथुन राशि वाले यदि यहां दिए गए सभी कष्टों से बच जाते है तो, शास्त्र के अनुसार उनकी आयु 85 वर्ष की होती है।
तब मिथुन राशि वाले पुष के महीना में कृष्ण पक्ष के अश्विनी तिथि, बुधवार और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग होने पर मृत्यु को प्राप्त करते है।

हमने यहाँ क्या क्या जाना- एक नजर में

  • मिथुन राशि वालों की आयु
  • आयु क्या है?
  • आयु के तीन प्रकार
  • अल्प आयु
  • माध्यम आयु
  • पूर्ण आयु
  • आयु की गणना में कुंडली क्या कहता है?
  • मिथुन राशि की आयु कितनी होती है।

निष्कर्ष

सभी की कुंडली अलग अलग होती है, प्रत्येक कुंडली के अनुसार कुछ नियम होते हैं।
इसलिए आयु जानना इतना सरल नहीं हैं। आयु केवल राशि अनुसार पता नहीं किया जा सकता है।
इसके लिए ग्रहों, राशियों, और दशाओं का ज्ञान होना जरूरी है।
फिर भी मिथुन राशि की आयु की बात करे तो शास्त्र के अनुसार उनकी आयु 85 वर्ष की हो सकती है यदि मिथुन राशि वालों को अंग रोग, नेत्र रोग, बालारिष्ट घात जैसे मृत्यु कारक नहीं हो तब।

हमेशा पूछे जाने वाले प्रश्न- मिथुन राशि की आयु कितनी होती हैं

उतर- शास्त्र के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 32 वर्ष की आयु या उससे कम की आयु में मृत्यु को प्राप्त करता है,
तो उस व्यक्ति की आयु अल्प आयु मानी जाती है।

प्रश्न.1 माध्यम आयु कितने वर्ष की होती हैं?

उतर- यदि कोई व्यक्ति 32 से लेकर 62 वर्ष की आयु में मृत्यु को प्राप्त करता है,
तो उस व्यक्ति की आयु को माध्यम आयु माना गया है।

प्रश्न.1 पूर्ण आयु कितने वर्ष की होती हैं?

उतर- शास्त्र के अनुसार कोई व्यक्ति 64 वर्ष होने के बाद कभी भी मृत्यु को प्राप्त करता है,
तो व्यक्ति की आयु पूर्ण आयु मानी जाती है।

प्रश्न.1 बालारिष्ट किसे कहते है?

उतर- बच्चा जन्म ले कर कुछ वर्षो में ही जैसे एक साल दो साल या पांच सालो में मृत्यु को प्राप्त होता है।
तो इसे बालारिष्ट योग कहा जाता है।

प्रश्न.1 मिथुन राशि की आयु कितनी होती हैं?

उतर- यदि मिथु राशि वालों को अंग रोग, नेत्र रोग, बालारिष्ट या घात जैसे मृत्यु कारक नहीं हो,
तब मिथुन राशि वालों की आयु 85 वर्ष की हो सकती है

निर्देश

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इसलिए किसी भी सुचना को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से एक बार सलाह जरूर लें।

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