तुला राशि के 36 गुण: जाने गुण-अवगुण, बनावट, स्वभाव और व्यक्तित्व

ज्योतिष शास्त्र में अलग-अलग राशियों का गुण, स्वभाव आदि अलग-अलग होते है, क्योंकी राशियाँ व्यक्तियों के गुण, स्वभाव, आदि को प्रभावित करती हैं। राशि के आधार पर हम व्यक्तियों के गुण, स्वभाव, चरित्र आदि के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में तुला राशि के 36 सों प्रकार के गुण और अवगुण पाए जाते है। इसका चर्चा हमने यहाँ विस्तार से किया है। इसके अलावां हम यहां निम्न बिंदुओं पर भी चर्चा करेंगे।

  • तुला राशि के नाम और शुरू के अक्षर
  • तुला राशि के 36 गुण और अवगुण
  • तुला राशि के शारीरिक बनावट
  • तुला राशि का व्यक्तित्व और स्वभाव

तुला राशिचक्र की 7वीं राशि है। इसके स्वामी ग्रह शुक्र होते हैं, तथा यह वायु तत्व की राशि हैं। तुला राशि में शनि देव उच्च के होते हैं। इनके के लिए शुभ दिन शनिवार और सोमवार होता हैं। तुला राशि वाले कल्पनाशील, कला प्रेमी, चालाक, बुद्धिमान और सम्मान देने वाले होते है। इसके आलावा इनके और भी कई गुण-अवगुण पाए जाते हैं, जिन्हे हम यहाँ विस्तार से जानेंगे –

तुला राशि की पहचान

किसी व्यक्ति का राशि उसके नाम के शुरू अक्षर के आधार पर पता किया जाता है। वशर्तें उस व्यक्ति का नामकरण किसी ज्योतिषी के द्वारा नक्षत्र के आधार पर किया गया हो। तुला राशि के नाम के पहला अक्षर रा, री, रु, रे, रो, ता, तू और ते होता है। इन 9 अक्षर में से किसी भी अक्षर से शुरू होने वाले नाम के लोग तुला राशि के होते है।

तुला राशि के नाम और शुरू के अक्षर 

ज्योतिष शास्त्र में तुला राशि के नाम के शुरू के अक्षर कुल 9 होते हैं। यहाँ हमने तुला राशि नाम के शुरू अक्षर और उन अक्षर से बनने वाले कुछ नामों का टेबल दिया हैं।

नाम के शुरू अक्षरतुला राशि के नाम
रा रवि (Ravi), राजाबाबू (Rajababu), रामेश्वर (Rameshvar)
री रीता (Rita), रीना (Rina), रीमा (Rima)
रु रुख्मिणी (Rukhmini), रुदल (Rudal), रुमा (Ruma)
रे  रेशमा (Reshma), रेहाना (Rehana),
रो  रोहित (Rohit), रोशनी (Roshani), रौशन (Raushan)
ता  तनुज (Tanuj), तान्या (Tanya), तनवीर (Tanvir)
ती तिजिल (Tijila), तिमिता (Timita), तितली (Titali)
तू  तुषार (Tushar), तुनक (Tunak), तूफान (Tufan)
ते  तेजिनी (Tejini), तेजोमय (Tejomy), तेशा (Tesha)

 

जरूर पढ़े:- 

तुला राशि के 36 गुण

आईये अब तुला राशि के 36 गुण और अवगुणो को विस्तार से देखते हैं।

 

  • तुला राशि के जातक न्याय प्रिय होते हैं, ये सभी को सामान दृस्टि से देखते हैं।
  • ये स्वभाव के दृढ़ और कठोर होते हैं,
  • इनके अंदर कभी छल और कपट देखने को नहीं मिलता हैं।
  • ये भेदभाव या लालच नहीं करते हैं। जो समय पर मिल जाता हैं उसी में ये संतुष्ट रहते हैं।
  • ये किसी के धन दौलत को देख कर या खुसियो को देख कर कभी भी आहात या दुःख नहीं होते हैं।
  • ये सिर्फ अपने कर्म पर विस्वास करते हैं। और जो मिलता हैं उसी में ये संतुष्ट रहते हैं।
  • तुला राशि के लोग ज्यादातर सुखी जीवन व्यक्तित करते है।
  • ये कोई भी कार्य करने के लिए बहुत सोचते समझते हैं।
  • ये जीवन में न्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले होते हैं।
  • जो भी फैसला करते हैं सबको समान दृस्टि से देखते हुए सही फैसला करते हैं।
  • तुला राशि वाले हसमुख मिजाज के होते हैं और हमेसा मुस्कुराते रहते हैं।
  • इनके जीवन में चाहे कितना भी दुःख हो लेकिन ये हमेसा मुस्कुराते रहते हैं।
  • इस राशि वाले धर्म में बहुत ज्यादा आस्था और विश्वास रखते हैं।
  • तुला राशि दिल के साफ होते हैं, ये हमेसा साफसुथरा और सरल राजनितिक करते हैं,
  • इन्हे हमेसा लोगो द्वारा बुरा माना जाता हैं, चाहे वे उनलोगो के साथ कितना भी अच्छा क्यों न कर ले।
  • इस राशि के लोग बुरे लोगो से, बदनाम लोगो से या बुरे संगति रखने वाले व्यक्तियों से हमेशा दूर रहते हैं।
  • ये घबड़ाते नहीं हैं। तुला राशि वालो पर चाहे कैसा भी संकट क्यों न आ जाये ये कभी घबड़ाते नहीं हैं।
  • ये बहुत ज्यादा गंभीर, दिल के साफ, और दयावान होते हैं।
  • ये हमेशा सम्मान और प्यार के भूखे होते हैं।
  • तुला राशि वाले हमेशा अपने लिए कम और दूसरे व्यक्ति के लिए ज्यादा भाग्यशाली होते हैं।
  • ये अपने जीवन में कभी भी दूसरे व्यक्तियों का दखलअंदाजी नहीं चाहते हैं।
  • ये अपने कार्यो का समाधान खुद करना चाहते हैं।
  • इस राशि के जातक ईमानदार और मेहनती भी होते हैं।
  • ये जो भी कहते हैं उसे पूरा कर के दिखाते हैं चाहे उसके लिए कितना भी समय लग जाये।
  • ये अपने ऊपर किसी का कर्ज नहीं रखते, भले ये अपना धन दूसरे के यहाँ छोड़ देते है।
  • इनके अंदर योग्यता कूट-कूट के भरा रहता हैं। जिसके दम पर ये जिंदगी में सबसे अलग कुछ विशेष करते हैं।
  • ये किसी के साथ कोई कार्य साझेदारी में नहीं कर पाते हैं, और बहुत जल्दी अलग हो जाते हैं।
  • क्योकि इनका बिचार सामने वाले से कभी-कभी बहुत ज्यादा अलग हो जाता है।
  • ये अपना अपमान बिकुल भी बर्दाश नहीं कर पाते हैं।
  • तुला राशि वाले अपने परिवार से बहुत ज्यादा प्रेम करते हैं। और अपने परिवार का दुःख बिलकुल भी बर्दाश नहीं करते हैं।
  • ये हमेसा इससे डरते हैं की कोई इनपर झूठा इल्जाम न लगा दे या इनके चलते दूसरे का दिल न दुःख जाये।
  • ये किसी भी हालत में जल्दी से किसी पर विस्वास नहीं करते हैं।
  • ये अपना कार्य दूसरे व्यक्ति से निकलवाने में बहुत ज्यादा माहिर होते हैं।
  • ये थोड़े सकी भी होते हैं और अपने साथी या दोस्त द्वारा गलत किये जाने पर बहुत जल्दी जान जाते है।
  • इस राशि के जातक थोड़े सनकी भी होते हैं। जब गुस्सा हो जाते हैं तो ये किसी का भी नहीं मानते हैं।
  • तुला राशि वाले थोड़े आलसी और लापरवाह भी होते हैं, और अपना काम टालते रहते हैं।
  • ये अपने घर आये अतिथि का सम्मान भगवान के जैसा करते हैं।

शारीरिक बनावट

तुला राशि के जातक आमतौर पर सुंदर और समान वजन वाले होते हैं। उनका चेहरा आकर्षक और समर्पित होता है। इनके शरीर का बनाव भी आकर्षक होता है। उनके आंतरिक वातावरण का प्रभाव उनके शारीरिक बनावट पर दिखता है, ये शरीर से बलवान, चौड़े सीना के, लम्बे और मजबूत व्यक्ति होते हैं। इनकी आँखे और हँसी बहुत ही कातिल होती हैं, जिससे वे किसी व्यक्ति को बहुत जल्दी आकर्षित कर लेते हैं। तुला राशि के गुप्तांगो पर काला तिल होता हैं। और इन्हे त्वचा से सम्बन्धित दिक्ततों का सामना करना पड़ता है।

वे अपनी हरकतों में गतिशील और संतुलित होते हैं। तुला राशि के लोग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए संतुलित जीवनशैली का पालन करते हैं। व्यायाम, सही आहार, और नियमित ध्यान उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।

तुला राशि का स्वभाव और व्यक्तित्व 

तुला राशि के जातक शांत, समझदार, न्यायप्रिय और सभ्य स्वभाव के होते हैं। उन्हें न्याय और संतुष्टि की भावना होती है और वे सामाजिक मामलों में संतुलित और न्यायसंगत व्यवहार करने का प्रयास करते हैं। वे समाज में विवादों को सुलझाने की क्षमता रखते हैं और खुद को विवादों से दूरी बनाए रखते हैं।

इस राशि के जातको की यह स्वभाविक प्रवृत्ति होती है कि, वे दूसरों को खुश रख के और समर्थ कर के खुस महशुस करे। उन्हें सामाजिक समृद्धि और साझेदारी की प्राथमिकता होती है। वे विचारशील और समझदार होते हैं। अपने घर आये अतिथि का आदर भाव भगवान के जैसा करते हैं, चाहे इसके लिए उन्हें कितना भी धन खर्च क्यों न करना पड़े। ये बहुत जल्दी जल्दी क्रोधित होते हैं और बहुत जल्दी सांत भी हो जाते हैं।

इनका मन हमेसा चलता रहता हैं। इन्हे अपने सेहत और साफ-सफाई के साथ अच्छा बन के रहना बहुत अच्छा लगता हैं। तुला राशि वाले कामुक प्रवृति के होते है। जिससे ये विपरीत लिंग के व्यक्तियों से बहुत जल्दी सम्बन्ध बना लेते हैं।

तुला राशि के 36 गुण से सम्बन्धित पश्न

तुला राशि के बारे में बताएं-

उत्तर- तुला राशिचक्र की 7वीं राशि है। इसके स्वामी ग्रह शुक्र होते हैं तथा यह वायु तत्व की राशि हैं।
इस राशि में शनि देव उच्च के होते हैं। इनके के लिए शुभ दिन शनिवार और सोमवार होता हैं।
तुला राशि वाले कल्पनाशील, कला प्रेमी, चालाक, बुद्धिमान और सबको सम्मान देने वाले होते है।

तुला राशि का स्वभाव कैसा होता है?

उत्तर- तुला राशि के जातक शांत, समझदार, न्यायप्रिय और सभ्य स्वभाव के होते हैं।
उनमें न्याय और संतुष्टि की भावना होती है और वे सामाजिक मामलों में संतुलित और न्यायसंगत व्यवहार करने का प्रयास करते हैं।

तुला राशि के व्यक्ति कैसे होते हैं?

उत्तर- तुला राशि के जातक न्याय प्रिय, सभी को सामान दृस्टि से देखने वाले, दृढ़, कठोर,
तथा छल – कपट से दूर रहने वाले होते हैं। ये धर्म में बहुत ज्यादा आस्था और विश्वास रखते हैं।

निर्देश

यहाँ दी गयी जानकरी सिर्फ ज्योतिष और मान्यताओं पर आधारित है। इसलिए किसी भी सुचना को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से एक बार सलाह जरूर लें। क्योंकि mojday किसी भी प्रकार की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।

यदि यहाँ दी गयी जानकरी आपके लिए सहायक सिद्ध हुई हैं तो, comment Box में अपना राय जरूर साझा करें-

1 thought on “तुला राशि के 36 गुण: जाने गुण-अवगुण, बनावट, स्वभाव और व्यक्तित्व”

Leave a comment