Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि पर जाने भागवान शिव से जुड़ीं 7 महत्वपूर्ण बातें
Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि पर जाने भागवान शिव से जुड़ीं 7 महत्वपूर्ण बातें
1. त्रिनेत्रधारी
1. त्रिनेत्रधारी
धर्म ग्रंथों के अनुसार सभी देवताओं की दो आंखें होती हैं, लेकिन एकमात्र शिव ही ऐसे देवता हैं जिनकी तीन आंखें हैं। जीवन के प्रबंधन की दृष्टि से भी शिव का तीसरा नेत्र प्रतीकात्मक माना जाता है।
धर्म ग्रंथों के अनुसार सभी देवताओं की दो आंखें होती हैं, लेकिन एकमात्र शिव ही ऐसे देवता हैं जिनकी तीन आंखें हैं। जीवन के प्रबंधन की दृष्टि से भी शिव का तीसरा नेत्र प्रतीकात्मक माना जाता है।
2. टुटा हुआ शिवलिंग का पूजा
2. टुटा हुआ शिवलिंग का पूजा
कहा जाता है कि किसी भी देवी-देवता की टूटी हुई मूर्ति की पूजा नहीं की जाती, लेकिन शिवलिंग कितना भी टूट जाए, उसे पूजनीय माना जाता हैं।
कहा जाता है कि किसी भी देवी-देवता की टूटी हुई मूर्ति की पूजा नहीं की जाती, लेकिन शिवलिंग कितना भी टूट जाए, उसे पूजनीय माना जाता हैं।
3. शेषनाग एक राजा
3. शेषनाग एक राजा
भगवान शिव के गले में जो नाग लिपटा होता है, उसका नाम 'वासुकि' है। वह शेषनाग के बाद नागराजों का दूसरा राजा था और शिवजी ने खुश होकर इसे गले में डालने का वरदान दिया था।
भगवान शिव के गले में जो नाग लिपटा होता है, उसका नाम 'वासुकि' है। वह शेषनाग के बाद नागराजों का दूसरा राजा था और शिवजी ने खुश होकर इसे गले में डालने का वरदान दिया था।
4. शिव के पैरो के निशान
4. शिव के पैरो के निशान
शिव के पैरों के निशान श्रीपद श्रीलंका में रतन द्वीप पहाड़ की चोटी पर स्थित श्रीपद नामक मंदिर में हैं, जो 5 फुट 7 इंच लंबे और 2 फुट 6 इंच चौड़े हैं। इसे सिवानोलीपदम भी कहा जाता है।
शिव के पैरों के निशान श्रीपद श्रीलंका में रतन द्वीप पहाड़ की चोटी पर स्थित श्रीपद नामक मंदिर में हैं, जो 5 फुट 7 इंच लंबे और 2 फुट 6 इंच चौड़े हैं। इसे सिवानोलीपदम भी कहा जाता है।
5. आदिदेव
5. आदिदेव
शिव ने ही सबसे पहले धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया है, इसलिए उन्हें 'आदिदेव' भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है 'प्रारंभ का देवता'। उनका एक अन्य नाम 'आदिश' भी है, जो 'प्रारंभ का ईश्वर' का संक्षेप है।
शिव ने ही सबसे पहले धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया है, इसलिए उन्हें 'आदिदेव' भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है 'प्रारंभ का देवता'। उनका एक अन्य नाम 'आदिश' भी है, जो 'प्रारंभ का ईश्वर' का संक्षेप है।
महादेव के 6 पुत्र
महादेव के 6 पुत्र
शिव के प्रमुख 6 पुत्र- गणेश, कार्तिकेय, सुकेश, जलंधर, अयप्पा, और भूमा हैं, और प्रत्येक के जन्म की कथाएं बहुत रोचक हैं।
शिव के प्रमुख 6 पुत्र- गणेश, कार्तिकेय, सुकेश, जलंधर, अयप्पा, और भूमा हैं, और प्रत्येक के जन्म की कथाएं बहुत रोचक हैं।